अपनी सामर्थ्य से मुझे बल देना
हे मेरे प्रभु, हे मेरे दाता,
तू ही है जीवन का विधाता।
जब भी गिरूँ मैं, मुझे थाम लेना,
अपनी सामर्थ्य से, मुझे बल देना।
घोर अंधेरे जब राहें घेरें,
मुश्किलें जब मुझको चारों ओर से घेरें।
तेरी ज्योति से मन को उजियारा देना,
अपनी सामर्थ्य से, मुझे बल देना।
हे मेरे प्रभु, हे मेरे दाता,
तू ही है जीवन का विधाता।
जब भी गिरूँ मैं, मुझे थाम लेना,
अपनी सामर्थ्य से, मुझे बल देना।
थक कर जो रुकने लगें मेरे कदम,
जब टूटने लगे मेरा ये साहस और दम।
पवित्र आत्मा से मुझे भर देना,
अपनी सामर्थ्य से, मुझे बल देना।
हे मेरे प्रभु, हे मेरे दाता,
तू ही है जीवन का विधाता।
जब भी गिरूँ मैं, मुझे थाम लेना,
अपनी सामर्थ्य से, मुझे बल देना।
तेरे वचनों में मिले मुझको तसल्ली,
तुझमें ही खिले मेरी खुशियों की कली।
शैतान के तीरों से मेरा बचाव करना,
अपनी सामर्थ्य से, मुझे बल देना।
हे मेरे प्रभु, हे मेरे दाता,
तू ही है जीवन का विधाता।
जब भी गिरूँ मैं, मुझे थाम लेना,
अपनी सामर्थ्य से, मुझे बल देना।
यीशु नाम में ही मेरी जीत है,
तुझसे ही जुड़ी मेरी हर एक प्रीत है।
अंत तक वफादार मुझे बनाए रखना,
अपनी सामर्थ्य से, मुझे बल देना।
