जीवित है मेरा मसीह
क्रूस की छाया लंबी थी। सूरज भी
सहम सा गया।
जिसने मिट्टी को सांस दी वो आज
मिट्टी में सुला दिया गया।
खूं टपकता लकड़ी पर हर बूंद में मेरी
कहानी आसमान
चुप धरती कांपी जब टूटी प्रभु की जवानी
जिस हाथ में तूफान थमे आज कीलों
में जकड़ा गया जिस होठों से जीवन झरा वो
प्यासा ही मर गया
जीवित है मेरा मसीह मौत उसका नाम
ना ले सकी कब्र कांप उठी उस पल जब रूह फिर
से जाग सकी जीवित है मेरा मसीह
अंधकार घुटनों पर आ गया जिसे मरा
हुआ कहा दुनिया ने वही मेरा परमेश्वर
निकला
शनिवार
की वो खामोशी चीख से भी ज्यादा भारी थी।
हर दुआ दीवारों से टकराना उम्मीद हारी थी।
पर सुबह की पहली सांस में कुछ
टूटा कुछ हिल गया। पत्थर हक सन्नाप का और
इतिहास बदल गया। कब्र ने जो निगल लिया था
वो कब्र को ही चीर गया। मौत जिसे
अपना समझी थी वो मौत से ही जीत
गया।
जीवित है मेरा मसीह मौत उसका नाम
ना ले सकी कब्र कांप उठी उस पल जब
रूह फिर से जाग सकी जीवित है मेरा मसीए
अंधकार घुटनों
पर आ गया जिसे मरा हुआ कहा दुनिया
ने वही मेरा परमेश्वर निकला
वो जीवित है इसलिए मैं खड़ा हूं।
वो जीवित है इसलिए
सांस लेता हूं।
जिस लहू ने मुझे लिखा उसी नाम से मैं जाना
जाता हूं।
तू मरा नहीं
तू सोया नहीं।
तू आ
आज भी जिंदा है।
जीवित है मेरा मसीह आज भी कब्रें
खुलती है। जब उसका नाम पुकारू
जंजीरें खुद ब खुद टूटती है। जीवित है
मेरा मसीह ये गीत नहीं ऐलान है।
मेरा उद्धार मेरी सांस मेरा हर कल यीशु का
नाम है।
कब्र खाली है और मेरा दिल भरा हुआ है
क्योंकि जीवित है
मेरा मसीह।
ओ
ओ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ
