जीवन की नदी
स्वर्ग से बहती नदी, सिंहासन से वो आती
जिसकी नहरे बहती बहती पृथ्वी में जुड़ जाती
नदी प्रभु की नदी
1. यीशुआ जीवन की नदी है, यीशुआ अनंत जल है
इस नाम में जीवन पाते
इस नाम में उद्धार पाते
इस नाम में शांति पाते
इस नाम में प्रेम पाते
बहने दो इस नदी को
गवाही दो जिंदा खुदा की
2. यह नदी रूह से भरी है ,ये नदी जीवन से भरी है
इस में लोग छुटकारा पाते
इस में लोग चंगे होते
इस में लोग धर्मी बनते
इस में लोग जिंदगी पाते
बहने दो इस नदी को
गवाही दो जिंदा खुदा की
“स्वर्ग से बहती नहीं” यह गीत उस जीवित जल की याद दिलाता है
जो स्वर्ग से होकर हमारे जीवन में बहता है
और सूखी आत्माओं को नया जीवन देता है।
यह गीत हमें विश्वास दिलाता है कि
परमेश्वर की उपस्थिति में
चंगाई है, शांति है और नई शुरुआत है।
जब स्वर्ग का जल बहता है,
तो टूटे हुए जीवन फिर से हरे हो जाते हैं।
“जो जल मैं उसे दूँगा,
वह उसमें ऐसा सोता बन जाएगा
जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा।”
“फिर उसने मुझे जीवन के जल की नदी दिखाई,
जो परमेश्वर और मेम्ने के सिंहासन से निकलकर बह रही थी।”
– प्रकाशितवाक्य 22:1
यह आराधना गीत एक प्रार्थना है कि
हमारा जीवन भी उस स्वर्गीय जल से भर जाए
और हम परमेश्वर की महिमा के लिए बहते रहें।
यदि यह गीत आपको आशीष देता है,
परमेश्वर आपको भरपूर आशीष दे 🙏
