यहोवा तेरी आशीष
यहोवा तेरी आशीष मुझ पर
बने
रहे
तेरा हाथ मेरे जीवन पर
बना
रहे
जब मैं कमजोर
होती हूं प्रभु तेरी शक्ति मुझे
संभालती
रहे
यहोवा
तेरी आशीष
चाहती हूं
तेरी उपस्थिति
में रहना चाहती हूं। तेरा प्रेम मेरे दिल
को भर दे मैं तेरे संग चलना
चाहती हूं
मेरी हर सुबह
तेरे साथ हो
मेरी हर शाम तेरे पास हो मेरी हर
आंसू
को तू पछ दे मेरे दिल में
तेरा वास हो यहोवा
तेरी आशीष
चाहती हूं
तेरी उपस्थिति में रहना चाहती हूं। तेरा
प्रेम मेरे दिल को भर दे। मैं
तेरे संग चलना
चाहती हूं।
तेरी शांति मुझे मिलती
रहे।
तेरी दया मुझ पर बनी
रहे। मैं तेरी
बेटी कहलाऊं
प्रभु मेरी
पहचान तू ही है
यहोवा
तेरी आशीष
चाहती हूं
तेरी उपस्थिति में रहना चाहती हूं
तेरा पर्व मेरे दिल को वो भर दे
मैं तेरे संग चलना
चाहती हूं
चाहती हूं
हां
हो
कान्हा
के गांव मैं खुशी का था दिन
लोगों के बीच था तू ही तू प्रभु
जब दाखस खत्म हुआ सब हैरान
हुए तूने पानी को छूकर
चमत्कार
किया
पानी को दाख रस
बना दिया। सूखे दिल को तूने भर
दिया। समझे इंसान तेरी ये भाषा
तूने प्रेम से सब सिखा
दिया।
हो
मिट्टी के घड़ों में पानी भरा था।
तेरे वचन से सब नया बना था।
जो था साधारण
खास
बन गया तेरे हाथों से आशीष
मिल
गया
पानी को दाख रस बना दिया अंधेरे
में उजाला ला दिया समझे इंसान तेरी ये
भाषा तूने प्रेम से रस रास्ता
दिखा
दिया।
आज भी तू दिल बदल देता है।
सूखे जीवन में आनंद भर देता है।
बस विश्वास से तुझे पुकारे
जो
नया जीवन उसे तू
देता है
पानी को दाखस बना दिया मेरे जीवन
को नया किया
यशु तू ही मेरी मेरी आशा तूने
प्रेम से
बचा
लिया।
