✝ क्रूस का वो प्रेम
क्रूस पे लहू बहा मेरे पापों की
सजा
निर्दोष होकर भी सह लिया हर एक दर्द वहां
कांटों का ताज था हाथों में खिलने
लगी
फिर भी तेरी तेरी आंखों में मेरे
लिए दया रही।
तूने ना कुछ कहा बस सब सहता गया।
मेरे हर गुनाह को खुद पे लेता गया।
ओ यशु तेरा ये प्रेम
महान
क्रूस पे दिया तूने अपना प्राण
मैं कैसे भूलूं
ये बलिदान
तूने दिया
मुझे नया जीवन दान
ओ हो
भीड़ चला रही
उसे क्रूस पे चढ़ा दो
पर तू चुप रहा बस प्रेम ही दिखा
दो हर एक को माफ
किया जिनने तुझे सताया
ऐसा प्रेम प्रभु
किसी ने ना दिखाया
फिर तेरे घावों से मुझे चंगाई
मिली
फिर तेरे खून से मुझे रिहाई मिली
तू मरता की मैं जी सकूं
तेरे प्रेम में
खो सकूं
ओ यीशु तेरा
ये प्रेम महान
क्रूस पे दिया तूने अपना राम
आज मैं झुकता हूं तेरे सामने
तू ही मेरा प्रभु
तू ही मेरी जान
हम्म
क्रूस पे लहू बहा मेरे पापों की
सजा
निर्दोष होकर भी सह
लिया हर एक दर्द वहां
कांटों का ताज था हाथों में कीले
लगी
फिर भी तेरी आंखों में मेरे लिए
दया रही
तूने ना कुछ कहा बस सब सहता गया
मेरे तेरे हर गुनाह को खुद पे लेता गया।
यीशु तेरा
ये प्रेम महान
क्रूस दे
दिया तूने अपना प्राण।
मैं कैसे भूलूं ये
बलिदान
तूने दिया मुझे नया जीवन
भीड़ चिल्ला
रही उसे क्रूस पे चढ़ा दो पर तू
चुप रहा बस प्रेम प्रेम ही
दिखा दो।
हर एक को माफ किया।
जिनने तुझे सताया।
ऐसा प्रेम प्रभु
किसी ने ना दिखाया।
तेरे तेरे गांवों से मुझे चंगाई मिली।
मिली।
तेरे तेरे खून से मुझे रिहाई
मिली।
मिली
तू मरा ताकि
मैं जी सकूं।
तेरे प्रेम में मैं
खो सकूं।
ओ यशु तेरा ये प्रेम मैं
क्रूस पे दिया
तूने अपना प्राण।
आज मैं झुकता हूं तेरे सामने।
तू ही मेरा
प्रभु तू ही मेरी जान।
हम्म।
